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Mangal Bhavan Amangal Hari / Ravindra Jain

मंगल भवन अमंगल हारी लिरिक्स

हो, मंगल भवन, अमंगल हारी

द्रबहु सु दसरथ, अजिर बिहारी

आ, राम भगत हित नर्तन धारी

सहे संकट किये साधो सुखारी

सिया राम जय-जय

(राम सिया राम, सिया राम जय-जय राम)

हो, होइहैं सोई जो, राम रचि राखा

को करि तरक, बढ़ावई साखा

आ, जेहि के जेहि पर सत्य सनेहु

सो तेहि मिलही न कछु सन्देहु

ओ, सिया-राम मय सब जग जानी

करहूँ त नाम जोरि जुग पानी

सिया राम जय-जय

(राम सिया राम, सिया राम जय-जय राम)

आ, दीन-दयाल विरद सँभारी

हरहूँ नाथ मम संटक भारी

सिया राम जय-जय

(राम सिया राम, सिया राम जय-जय राम)

तुलसी अपने राम को, रीझ भजो के खीज

उलटो-सुधो भूगिहे, खेत परे को बीज

ओ, राम नाम करि अवित प्रभावा

वेद, पुरान, उपनिषद् गावा

सिया राम जय-जय

(राम सिया राम, सिया राम जय-जय राम)

आ, जनम-जनम मुनि जतन कराहि

अंत राम कहि आवत नाहि

सीता श्रद्धा देश दी, राम अटल विश्वास

रामायण तुलसी रचित, हम तुलसी के दास

ओ, हरि अनन…

हरि अनन…

हरि अनंत, हरि-हरि अनंत, हरि कथा अनंता

कहहिं-सुनहिं बहुविधि सब संता

राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम)

राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम)

राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम)

राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम)

सीता रामचरित अति पावन

मधुर सरस और अति मनभावन

ओ, पुनि-पुनि कितनेहुँ सुनाए

हिय की प्यास बुझत ना बुझाए

रामायण

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम) सुर तरु की छाया

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम) भये दुख दूर

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम) निकट जो आया

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम) नाना

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम) भाँति आवो अवतरा

(राम सिया राम, सिया राम, जय-जय राम) रामायण सतकोटी अपरा

Songwriter : Ravindra Jain

Mangal Bhavan Amangal Hari lyrics 

Mangal bhavan amangal hari lyrics in English

Mangal Bhavan Amangal Haari

Drabahu Su Dasharath Achar Bihari

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram

Ho.. Hoi Hai Wohi Jo Ram Rachi Raakha

Ko Kari Tarak Badhave Saakha

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram

Ho.. Dheeraj Dharam Mirta Aru Naari

Aapad Kaal Parakhiye Chaari

(Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram, Ram

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram)

Ho.. Jehike Jehi Par Satya Sanehu

So Tehi Milaye Na Kachhu Sandehu

(Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram, Ram

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram)

Ho.. Jaaki Rahi Bhavana Jaisi

Prabhu Murti Dekhi Teen Taisi

(Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram, Ram

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram)

Ho.. Raghukul Reet Sada Chali Aayi

Pran Jaaye Par Vachan Na Jaayi

(Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram, Ram

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram)

Ho.. Hari Ananta Hari Katha Ananta

Kahahi Sunhi Bahuvidhi Sab Santa

(Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram, Ram

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram)

Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram

     चौपाई का हिंदी भावार्थ 

मंगल भवन अमंगल हारी।

द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी।।

अर्थ : जो सभी मंगलों के आधार हैं, जो मंगल करने वाले और अमंगल  को हरण करनेवाले हो,  दूर करने वाले हो ऐसे आप  दशरथजी के आंँगन में विहार करनेवाले हैं,हे श्री राम! आप मुझ पर द्रवित हों, मुझपर अपनी कृपा वृष्टि करें।

होइहि सोइ जो राम रचि राखा।

को करि तर्क बढ़ावै साखा॥

अर्थ : वही होना निश्चित है  जो भगवान राम ने पहले से ही नियत कर रखा है। और इसलिए व्यर्थ के तर्क करके इस बात पर बहुत सारा विवाद करना व्यर्थ है।

हो, धीरज धरम मित्र अरु नारी।

आपद काल परखिये चारी।।

अर्थ : जब अपने जीवन में आपत्ति का या मुसीबत का समय होता है तब ही हमारे धीरज की हमारे धर्म की और हमारे मित्र की मित्रता की और पत्नी की परीक्षा होती है। अन्य समय में तो सब कुछ सामान्य रहता है। और इन बातों का पता नहीं लगाया जा सकता कि वे हमारे कितने सच्चे मित्र आदि हैं। वे अपना कर्तव्य या धर्म हमारे प्रति निर्वाह करते हैं या नहीं यह आपत्ति के समय ही पता चलता है।

जेहिके जेहि पर सत्य सनेहू।

सो तेहि मिलहिं न कछु सन्देहू।।

अर्थ : जिसकी जिसके प्रति सच्चा प्रीति  अथवा गहरा स्नेहा होता है उसे वह अवश्य ही मिलता है इसमें किसी भी प्रकार का कोई संदेह नहीं है।

हो, जाकी रही भावना जैसी।

प्रभु मूरति देखी तिन तैसी।।

अर्थ : ईश्वर में जिसकी जैसी भावना होती है ईश्वर के विग्रह से उसे वैसा ही अनुभव होता है।

रघुकुल रीत सदा चली आई।

प्राण जाए पर वचन न जाई।।

अर्थ : रघुवंश में जन्म लेने वाले, जिनके नाम से इस वंश का नाम रघुवंश पड़ा है। ऐसे राजा रघु के कुल में यह परंपरा चली आई है कि भले ही प्राण चले जाएंँ किंतु रघुकुल के लोग सदैव अपना वचन अवश्य निभाते हैं।

हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता।

कहहि सुनहि बहुविधि सब संता।।

अर्थ : ईश्वर का एक नाम अनंत है अर्थात वे सर्व व्याप्त है कहीं भी उनका अंत नहीं है अनंत हैं वे। उसी प्रकार ईश्वर की कथा भी अनंत है उसकी भी कोई सीमा नहीं है। ऐसी कथा को संत लोग भिन्न-भिन्न प्रकार से कहते और सुनते रहते हैं।

FAQs

Q. अजिर बिहारी का मतलब क्या होता है?

Ans – अजिर यानि आँगन व बिहारी मतलब विहरने वाला या घूमने वाला। तो द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी का अर्थ है – बाल रूप में दशरथ के आँगन मे विचरण करने वाले हे श्री राम, हम पर प्रसन्न हों। मंगल करने वाले व अमंगल को हरने वाले, बाल रूप में दशरथ के आँगन मे विचरण करने वाले, हे श्री राम, हम पर प्रसन्न हों।

Q. मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु सो दशरथ अजिर बिहारी इन पंक्तियों में कौन सा छंद है?

Ans – इन पंक्तियों में चौपाई छन्द का प्रयोग हुआ है, अन्य विकल्प असंगत है, अत: विकल्प 2 ‘चौपाई’ सही उत्तर होगा। चौपाई मात्रिक सम छंद है।

Q. मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु सुदसरथ अचर बिहारी।

(अर्थ : जो मंगल करने वाले है और अमंगल को दूर करने वाले है , वो दशरथ नंदन श्री राम है, वो मुझपर अपनी कृपा करे.)

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Shiv Shankar Ko Jisne Pooja Lyrics

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ – भजन (Shiv Shankar Ko Jisne Pooja)

शिव शंकर को जिसने पूजा,

उसका ही उद्धार हुआ ।

अंत काल को भवसागर में,

उसका बेडा पार हुआ ॥

भोले शंकर की पूजा करो,
ध्यान चरणों में इसके धरो ।
हर हर महादेव शिव शम्भू,
हर हर महादेव शिव शम्भू ।
हर हर महादेव शिव शम्भू…

डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
दीन दुखियों का देता जगत का पिता ॥
सब पे करता है ये भोला शंकर दया
सबको देता है ये आसरा ॥

इन पावन चरणों में अर्पण,
आकर जो इक बार हुआ,
अंतकाल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ,
हर हर महादेव शिव शम्भू,
हर हर महादेव शिव शम्भू ।
हर हर महादेव शिव शम्भू…

नाम ऊँचा है सबसे महादेव का,
वंदना इसकी करते है सब देवता ।
इसकी पूजा से वरदान पातें हैं सब,
शक्ति का दान पातें हैं सब।

नाथ असुर प्राणी सब पर ही,
भोले का उपकार हुआ ।
अंत काल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ॥

शिव शंकर को जिसने पूजा,
उसका ही उद्धार हुआ ।
अंत काल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ ॥

भोले शंकर की पूजा करो,

ध्यान चरणों में इसके धरो ।

हर हर महादेव शिव शम्भू,

हर हर महादेव शिव शम्भू ।

हर हर महादेव शिव शम्भू…

IN ENGLISH – 

Shiv Shankar Ko Jisne Puja Uska Hi Udhar Hua Lyrics in English

Shiv Shankar Ko Jisne Pooja,
Uska Hi Udhar Hua,
Ant Kaal Ko Bhavsagar Mein,
Uska Beda Paar Hua.

Bhole Shankar Ki Pooja Karo,
Dhyan Charano Mein Iske Dharo,
Har Har Mahadev Shiv Shambhu,
Har Har Mahadev Shiv Shambhu.
Har Har Mahadev Shiv Shambhu…

Damru Wala Hai Jag Mein Dayalu Bada,
Deen Dukhiyon Ka Deta Jagat Ka Pita,
Sab Pe Karta Hai Ye Bhola Shankar Daya,
Sabko Deta Hai Ye Aasra.

in pawan charno mein arpan aakar jo ek baar hua
ant kaal ko bhavsagar mein uska beda paar hua
om namo shivay namo
har har mahadev shiv shambu

naam uncha hai sabse mahadev ka
vandana iski karte hain sab devta..
iski puja se vardan pate hain sab
shakti ka daan pate hain sab..
nag asur prani sab par hi bhole ka upkar hua
ant kaal ko bhavsagar mein uska beda paar hua

shiv shankar ko jisne puja uska hi udhar hua
ant kaal ko bhavsagar mein uska beda paar hua
bhole shankar ki puja karo
dhayan charno mein iske dharo
har har mahadev shiv shambu

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O desh mere lyrics in Hindi

ओ देश मेरे

ओsss देश मेरे

तेरी शान पे सदके

कोई धन है क्या

तेरी धूल से बढ़ के

तेरी धूप से रौशन

तेरी हवा पे जिंदा

तू बाग है मेरा

मैं तेरा परिंदा

है अर्ज़ यह दीवाने की

जहाँ भोर सुहानी देखी

इक रोज़ वहीं मेरी शाम हो

कभी याद करे जो ज़माना

माटी पे मर मिट जाना

ज़िकर में शामिल मेरा नाम हो

ओsss देश मेरे

तेरी शान पे सदके

कोई धन है क्या

तेरी धूल से बढ़ के

तेरी धूप से रौशन

तेरी हवा पे जिंदा

तू बाग है मेरा

मैं तेरा परिंदा

आँचल तेरा रहे माँ

रंग बिरंगा

ओsss उँचा आसमान से

हो तेरा तिरंगा

जीने की इज़ाज़त देदे

या हुकुम शहादत देदे

मंजूर हूमें जो भी तू चुने

रेशम का हो मधुशाला

या कफ़न सिपाही वाला

ओढेंगे हम जो भी तू बूने

ओsss देश मेरे

तेरी शान पे सदके

कोई धन है क्या

तेरी धूल से बढ़ के

तेरी धूप से रौशन

तेरी हवा पे जिंदा

तू बाग है मेरा

मैं तेरा परिंदा

o desh mere lyrics in english

O…Desh Mere

Teri Shan Pe Sadke

Koyi Dhan Hai Kya

Teri Dhool Se Badh Ke

Teri Dhoop Se Raushan

Teri Hawa Pe Jinda

Tu Baag Hai Mera

Main Tera Parinda

Hai Arz Yeh Deewane Ki

Jahan Bhor Suhani Dekhi

Ik Roz Wahin Meri Sham Ho

Kabhi Yaad Kare Jo Zamana

Maati Pe Mar Mit Jaana

Zikar Mein Shamil Mera Naam Ho

O…Desh Mere

Teri Shan Pe Sadke

Koyi Dhan Hai Kya

Teri Dhool Se Badh Ke

Teri Dhoop Se Raushan

Teri Hawa Pe Jinda

Tu Baag Hai Mera

Main Tera Parinda

Aanchal Tera Rahe Maa

Rang Biranga

O…Uncha Aasman Se

Ho Tera Tiranga

Jeene Ki Izazat Dede

Ya Hukum Shahadat Dede

Manjoor Humein Jo Bhi Tu Chune

Resham Ka Ho Madhushala

Ya Kafan Sipahi Wala

Odhenge Hum Jo Bhi Tu Boone

O…Desh Mere

Teri Shan Pe Sadke

Koyi Dhan Hai Kya

Teri Dhool Se Badh Ke

Teri Dhoop Se Raushan

Teri Hawa Pe Jinda

Tu Baag Hai Mera

Main Tera Parinda..

About:

Song – Desh Mere

Movie – Bhuj: The Pride of Nation (2021)

Singers – Arijit Singh

Lyrics – Manoj Muntashir

Star Cast – Ajay Devgn, Sanjay Dutt, Sonakshi Sinha, Nora Fatehi

Music – Manoj Muntashir

Music Label – T-Series

Desh Mere Lyrics English

“भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया” एक बॉलीवुड फिल्म है जो 2021 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सेट की गई है और भुज हवाई अड्डे के तत्कालीन प्रभारी आईएएफ स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक के जीवन पर केंद्रित है, जिन्होंने अपनी टीम के साथ 300 स्थानीय महिलाओं की मदद से आईएएफ एयरबेस का पुनर्निर्माण किया था।

भुज द प्राइड ऑफ इंडिया सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित इस फिल्म में अजय देवगन ने भुज एयरपोर्ट के तत्कालीन प्रभारी विजय कार्णिक की भूमिका निभाई है। इस लड़ाई के दौरान स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक अपनी टीम के साथ भुज एयरपोर्ट पर मौजूद थे, जहां हवाई पट्टी नष्ट हो गई थी. इसी बीच पाकिस्तान की ओर से बमबारी की जा रही थी. इस वक्त एयर बेस पर उनके साथ 50 वायुसेना और 60 रक्षा सुरक्षाकर्मी मौजूद थे. विजय कार्णिक और उनकी टीम ने स्थानीय महिलाओं की मदद से हवाई पट्टी का पुनर्निर्माण किया। उन्होंने क्षेत्र की 300 महिलाओं के साथ मिलकर इसका पुनर्निर्माण किया ताकि भारतीय सैनिकों को ले जाने वाली उड़ानें आसानी से उतर सकें।

कहानी(Story – Plot)

फिल्म की शुरुआत 8 दिसंबर 1971 को होती है, जब पाकिस्तानी वायु सेना के जेट विमान भुज में भारतीय वायु सेना की हवाई पट्टी पर बार-बार बमबारी करते हैं। भारी विनाश के बीच स्थिति से निपटने की कोशिश करते समय भुज हवाई अड्डे के प्रभारी विजय कार्णिक (अजय देवगन) का दुश्मनों से सामना होता है। कहानी एक सप्ताह पहले की है और कहा जाता है कि भारत ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) को पश्चिमी पाकिस्तान (पाक) के उत्पीड़न से बचने में मदद की थी। इसके कारण दिसंबर 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध हुआ। पूर्वी पाकिस्तान में भारत की स्थिति कमज़ोर करने के लिए पाकिस्तान ने भारत के पश्चिमी क्षेत्रों पर आक्रमण कर दिया। वे भुज पर अधिकार करना चाहते थे। रणनीति के तहत विभिन्न भारतीय हवाई अड्डों पर बमबारी की गई। भुज एयरबेस भारतीय वायु सेना के प्रमुख क्षेत्रों में से एक था जहां पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

भारतीय वायु सेना को सीमा सुरक्षा बल से हवाई पट्टी बहाल करने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका क्योंकि पाकिस्तान ने भी उसी समय लोंगेवाला में लड़ाई शुरू कर दी थी। इस दौरान भुज के माधापुर के 300 ग्रामीणों – जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं – ने 72 घंटों के भीतर क्षतिग्रस्त एयरबेस की मरम्मत करके देश की रक्षा के लिए आगे बढ़ने का फैसला किया। फिल्म इसी घटना के इर्द-गिर्द घूमती है और कैसे विजय कार्णिक ने उस युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

हम होंगे कामयाब एक दिन

Hum Honge Kamyab – Hindi Song Lyrics

हम होंगे कामयाब एक दिन

हम होंगे कामयाब एक दिन

होंगे कामयाब

होंगे कामयाब

हम होंगे कामयाब एक दिन 

हो हो मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास

हम होंगे कामयाब एक दिन 

होगी शांति चारों ओर

होगी शांति चारों ओर

होगी शांति चारों ओर एक दिन 

हो हो मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास

होगी शांति चारों ओर एक दिन 

हम चलेंगे साथ-साथ डाल हाथों में हाथ 

हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन 

हो हो मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास

हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन 

नहीं डर किसी का आज 

नहीं डर किसी का आज 

नहीं डर किसी का आज एक दिन 

हो हो मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास

नहीं डर किसी का आज एक दिन

Hum Honge Kamyab Lyrics in English

Honge kaamayaab

Honge kaamayaab

Ham honge kaamayaab ek din 

Ho ho man men hai wishwaas, pura hai wishwaas

Ham honge kaamayaab ek din 

Hogi shaanti chaaron or

Hogi shaanti chaaron or

Hogi shaanti chaaron or ek din 

Ho ho man men hai wishwaas, pura hai wishwaas

Hogi shaanti chaaron or ek din 

Ham chalenge saath-saath daal haathon men haath 

Ham chalenge saath-saath ek din 

Ho ho man men hai wishwaas, pura hai wishwaas

Ham chalenge saath-saath ek din 

Nahin dar kisi ka aj 

Nahin dar kisi ka aj 

Nahin dar kisi ka aj ek din 

Ho ho man men hai wishwaas, pura hai wishwaas

Nahin dar kisi ka aj ek dina se

About Song:

हम होंगे कामयाब (अंग्रेज़ी: We Shall Overcome का गिरिजा कुमार माथुर द्वारा किया गया हिंदी भावानुवाद) एक प्रतिरोध गीत है। यह गीत बीसवीं सदी में नागरिक अधिकार आंदोलन का प्रधान स्वर बना। इस गीत को आमतौर पर “I’ll Overcome Some Day” (“आई विल ओवरकम सम डे”) से काव्यावतरित माना जाता है, जो चार्ल्स अल्बर्ट टिंडले द्वारा गाया गया था और जिसे 1900 में पहली बार प्रकाशित किया गया था।

We Shall Overcome  Lyrics

We shall overcome, we shall overcome,

We shall overcome someday;

Oh, deep in my heart, I do believe,

We shall overcome someday.

The Lord will see us through, The Lord will see us through,

The Lord will see us through someday;

Oh, deep in my heart, I do believe,

We shall overcome someday.

We’re on to victory, We’re on to victory,

We’re on to victory someday;

Oh, deep in my heart, I do believe,

We’re on to victory someday.

We’ll walk hand in hand, we’ll walk hand in hand,

We’ll walk hand in hand someday;

Oh, deep in my heart, I do believe,

We’ll walk hand in hand someday.

We are not afraid, we are not afraid,

We are not afraid today;

Oh, deep in my heart, I do believe,

We are not afraid today.

The truth shall make us free, the truth shall make us free,

The truth shall make us free someday;

Oh, deep in my heart, I do believe,

The truth shall make us free someday.

We shall live in peace, we shall live in peace,

We shall live in peace someday;

Oh, deep in my heart, I do believe,

We shall live in peace someday. 

Hindi Translation of we shall overcome

हम जीतेंगे – गीत

 होंगे कामयाब होंगे कामयाब,

 हम होंगे कामयाब एक दिन;

 ओह, मेरे दिल की गहराई में, मुझे विश्वास है,

 हम होंगे कामयाब एक दिन।

 प्रभु हमें देखेंगे, प्रभु हमें देखेंगे,

 किसी दिन प्रभु हमें अवश्य देखेंगे;

 ओह, मेरे दिल की गहराई में, मुझे विश्वास है,

 हम होंगे कामयाब एक दिन।

 हम जीत की ओर हैं, हम जीत की ओर हैं,

 हम किसी दिन जीत की ओर अग्रसर हैं;

 ओह, मेरे दिल की गहराई में, मुझे विश्वास है,

 हम किसी दिन जीत की ओर अग्रसर हैं।

 हम हाथ में हाथ डालकर चलेंगे, हम हाथ में हाथ डालकर चलेंगे,

 हम किसी दिन हाथ में हाथ डालकर चलेंगे;

 ओह, मेरे दिल की गहराई में, मुझे विश्वास है,

 हम किसी दिन हाथ में हाथ डालकर चलेंगे।

 हम डरते नहीं, हम डरते नहीं,

 हम आज डरे हुए नहीं हैं;

 ओह, मेरे दिल की गहराई में, मुझे विश्वास है,

 हम आज डरने वाले नहीं हैं.

 सत्य हमें स्वतंत्र बनायेगा, सत्य हमें स्वतंत्र बनायेगा,

 सत्य हमें किसी दिन स्वतंत्र करेगा;

 ओह, मेरे दिल की गहराई में, मुझे विश्वास है,

 सत्य हमें किसी दिन स्वतंत्र कर देगा।

 हम शांति से रहेंगे, हम शांति से रहेंगे,

 हम किसी दिन शांति से रहेंगे;

 ओह, मेरे दिल की गहराई में, मुझे विश्वास है,

 हम किसी दिन शांति से रहेंगे.

Channa Mereya Lyrics 

Arijit Singh 

Channa Mereya Lyrics In Hindi

देवनागरी बोल :

[अच्छा चलता हूँ

दुआओं में याद रखना

मेरे ज़िक्र का जुबां पे स्वाद रखना] x 2

दिल के संदूकों में

मेरे अच्छे काम रखना

चिट्ठी तारों में भी

मेरा तू सलाम रखना

अँधेरा तेरा मैंने ले लिया

मेरा उजला सितारा तेरे नाम किया

[चन्ना मेरेया मेरेया

चन्ना मेरेया मेरेया

चन्ना मेरेया मेरेया बलिया

ओ पिया..] x 2

मम्म.. महफ़िल में तेरी

हम ना रहे जो

ग़म तो नहीं है

ग़म तो नहीं है

किस्से हमारी नजदीकियों के

कम तो नहीं है

कम तो नहीं है

कितनी दफा सुबह को मेरी

तेरे आँगन में बैठे

मैंने शाम किया

[चन्ना मेरेया मेरेया

चन्ना मेरेया मेरेया

चन्ना मेरेया मेरेया बलिया

ओ पिया..] x 2

तेरे रुख से अपना रास्ता

मोड़ के चला..

चन्दन हूँ मैं

अपनी खुशबू छोड़ के चला..

मन की माया रख के

तेरे तकिये तले

बैरागी बैरागी का सूती चौला

ओढ़ के चला

चन्ना मेरेया मेरेया

चन्ना मेरेया मेरेया

चन्ना मेरेया मेरेया बलिया

ओ पिया..

हिन्दी में अर्थ (channa mereya meaning in hindi)

ठीक है, मैं अब चलता हूँ।

अपनी दुआओं में मुझे याद रखना,

मेरे ज़िक्र का ज़ायका रखना

अपनी ज़ुबान पर…

मेरे अच्छे कर्मों को बनाए रखो

दिल के बक्सों में,

और मेरा नमस्कार बनाये रखें

यहां तक कि पत्रों और टेलीग्रामों में भी.

मैंने तुम्हारा अंधकार छीन लिया है,

और मेरा चमकता सितारा अब तुम्हारा है।

ऐ मेरे चाँद,

हे मेरे, मेरे चाँद,

हे मेरे प्यारे चाँद..

हे प्रिय!

अगर मैं ना हो तेरी महफ़िल में,

कोई दुःख नहीं है,

कोई दुःख नहीं है..

हमारी कहानियाँ, हमारी नज़दीकियाँ,

कम नहीं हैं,

वे बहुत हैं.

कितनी बार मैं घूम चुका हूं

मेरी सुबह से शाम तक तेरे आँगन में बैठे रहते हैं।

[अर्थात मैंने कई बार वहां अपना समय बिताया है।]

मैं अपनी राह तेरी दिशा से मोड़ रहा हूँ,

मैं चंदन हूं, अपनी खुशबू (तुम्हारे साथ) छोड़ रहा हूं…

अपने दिल के अरमानों को तेरे तकिये के नीचे छोड़ कर,

ये साधु एक साधु का सूती कपड़ा लपेट कर चला जाता है..

Channa Mereya Lyrics In English :

Accha chalta hoon

Duaaon mein yaad rakhna

Mere zikr ka zubaan pe swaad rakhna (x2)

Dil ke sandookon mein

Mere acche kaam rakhna

Chitthi taaron mein bhi

Mera tu salaam rakhna

Andhera tera maine le liya

Mera ujla sitaara tere naam kiya

Channa mereya mereya

Channa mereya mereya

Channa mereya mereya Beliya

O piya… (x2)

Mmm… mehfil mein teri

Hum naa rahe jo

Gham toh nahi hai

Gham toh nahi hai

Qisse humaare nazdeeqiyon ke

Kam toh nahi hai

Kam toh nahi hai

Kitni dafaa, subah ko meri

Tere aangan me baithe

Maine shaam kiya

Channa mereya mereya

Channa mereya mereya

Channa mereya mereya Beliya

O piya… (x2)

Tere rukh se apna raasta

Mod ke chalaa

Chandan hoon main

Apni khushboo chhod ke chala

Mann ki maaya rakh ke

Tere takiye tale

Bairagi, bairagi ka sooti chaula

Odh ke chalaa

Channa mereya mereya

Channa mereya mereya

Channa mereya mereya Beliya

O piya…

Meaning In English 

okay, I’ll leave now.

remember me in your prayers,

keep the taste of my mention

on your tongue…

keep my good deeds

in the boxes of the heart,

and keep my greetings

even in letters and telegrams.

I have taken your darkness,

and my bright shining star is yours now.

O my moon,

O my, my moon,

O my boleved moon..

O beloved.

if I am not there in your gathering,

there is no sadness,

there is no sadness..

stories of ours, of our closenesses,

aren’t less,

they are plenty.

so many times I have turned

my mornings into evenings sitting in your courtyard.

[that is I have so many times passed my time there.]

I am turning my path from your direction,

I am sandal, leaving my fragrance (with you)…

leaving my heart’s desires under your pillow,

this ascetic wraps the cotton cloth of an ascetic and leaves..

About : 

Movie: Ae Dil Hai Mushkil

Music: Pritam

Lyrics: Amitabh Bhattacharya

Singer: Arijit Singh

Label: Sony Music India

apna bana le lyrics

अपना बना ले Apna Bana Le Lyrics in Hindi – Bhediya (Arijit Singh)

तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे
तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे
किया रे जो भी तूने कैसा किया रे
जिया को मेरे बंधन ऐसे लिया रे
समज के भी न समझ मैं सकूँ

सवेरों का मेरे तू सूरज लागे
तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे
तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे
तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे

अपना बना ले पिया
अपना बना ले पिया
अपना बना ले मुझे

अपना बना ले पिया
अपना बना ले पिया
अपना बना ले पिया
दिल के नगर में
शहर तू बसा ले पिया

छूने से तेरे हाँ तेरे हां तेरे
फीकी रातों को रंग लगे
छूने से तेरे हाँ तेरे हां तेरे
फीकी रातों को रंग लगे

तेरी दिशा में क्यों चलने से मेरे
जोड़ी को पंख लगे
रहा न मेरे काम का जग सारा

हां बस तेरे नाम से ही गुजारा
उलझ के यूं न सुलझ मैं सकूँ
जुबानिया तेरी झूठी भी सच लागे
तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे
तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे
तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे

अपना बना ले पिया
अपना बना ले पिया
अपना बना ले मुझे
अपना बना ले पिया

अपना बना ले पिया
अपना बना ले पिया
दिल के नगर में
शहर तू बसा ले पिया

हो सब कुछ मेरा चाहे
नाम अपने लिखा ले
बदले में इतनी तो
यारी निभा ले
जग की हिरासत से
मुझे छुडा ले
अपना बना ले बस
अपना बना ले
अपना बना ले
अपना बना ले

Apna Bana Le Lyrics in English

Tu mera koyi na hoke bhi kuch laage
Tu mera koyi na hoke bhi kuch laage
Kiya re jo bhi toone kaise kiya re
Jiya ko mere baandh aise liya re
Samajh ke bhi na samajh main sakun

Saveron ka mere tu suraj laage
Tu mera koyi na hoke bhi kuch laage
Tu mera koyi na hoke bhi kuch laage
Tu mera koyi na hoke bhi kuch laage

Apna bana le piya
Apna bana le piya
Apna bana le mujhe

Apna bana le piya
Apna bana le piya
Apna bana le piya
Dil ke nagar mein
Shehar tu basa le piya

Chhoone se tere haan tere haan tere
Pheeki ruton ko rang lage
Chhoone se tere haan tere haan tere
Pheeki ruton ko rang lage

Teri disha mein kyun chalne se mere
Pairon ko pankh lage
Raha na mere kaam ka jag saara

Haan bas tere naam se hi guzara
Ulajh ke yoon na sulajh main sakun
Zubaniyan teri jhoothi bhi sach laage
Tu mera koyi na hoke bhi kuch laage
Tu mera koyi na hoke bhi kuch laage
Tu mera koyi na hoke bhi kuch laage

Apna bana le piya
Apna bana le piya
Apna bana le mujhe
Apna bana le piya

Apna bana le piya
Apna bana le piya
Dil ke nagar mein
Shehar tu basa le piya

Ho sab kuch mera chahe
Naam apne likha le
Badle mein itni to
Yaari nibha le
Jag ki hirasat se
Mujhko chhuda le
Apna bana le bas
Apna bana le
Apna bana le
Apna bana le

About

Artists: Arijit Singh, Sachin–Jigar

Released: 2023

Album: Bollywood Valentine’s Day Hits

Meri Maa ke Barabar Koi Nahi Lyrics

Meri Maa Ke Barabar Koi Nahi

Song by Jubin Nautiyal

Lyrics

ऊँचा है भवन, ऊँचा मंदिर

ऊँची है शान, मैया, तेरी

चरणों में झुकें बादल भी तेरे

पर्वत पे लगे शैया तेरी

हे कालरात्रि, हे कल्याणी

तेरा जोड़ धरा पर कोई नहीं

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

(मेरी माँ के बराबर कोई नहीं)

तेरी ममता से जो गहरा हो

ऐसा तो सागर कोई नहीं

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

(मेरी माँ के बराबर कोई नहीं)

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

(मेरी माँ के बराबर कोई नहीं)

जैसे धारा और नदिया, जैसे फूल और बगिया

मेरे इतना ज़्यादा पास है तू

जब ना होगा तेरा आँचल, नैना मेरे होंगे जल-थल

जाएँगे कहाँ फिर मेरे आँसू?

दुख दूर हुआ मेरा सारा

अँधियारों में चमका तारा

नाम तेरा जब भी है पुकारा

सूरज भी, यहाँ है चंदा भी

तेरे जैसा उजागर कोई नहीं

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

(मेरी माँ के बराबर कोई नहीं)

हे कालरात्रि, हे कल्याणी

तेरा जोड़ धरा पर कोई नहीं

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

(मेरी माँ के बराबर कोई नहीं)

तेरे मंदिरों में, माई, मैंने ज्योत क्या जलाई

हो गया मेरे घर में उजाला

क्या बताऊँ तेरी माया, जब कभी मैं लड़खड़ाया

तूने दस भुजाओं से सँभाला

खिल जाती है सूखी डाली

भर जाती है झोली ख़ाली

तेरी ही मेहर है, मेहरावाली

ममता से तेरी बढ़ के, मैया

मेरी तो धरोहर कोई नहीं

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

(मेरी माँ के बराबर कोई नहीं)

हे कालरात्रि, हे कल्याणी

तेरा जोड़ धरा पर कोई नहीं

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

(मेरी माँ के बराबर कोई नहीं)

तेरी ममता से जो गहरा हो

ऐसा तो सागर कोई नहीं

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

(मेरी माँ के बराबर कोई नहीं)

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

माँ, मेरी माँ

माँ, मेरी माँ

माँ, मेरी माँ

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं

Meri Maa Ke Barabar Koi Nahi Lyrics

Meri Maa Ke Barabar Koi Nahi  by Jubin Nautiyal, Payal Dev

Meri Maa Ke Barabar Koi Nahi Lyrics

unchaa hai bhawan, unchaa mandir

unchi hai shaan, maiyaa, teri

charnon mein jhuken baadal bhee tere

parvat pe lage shaiya teri

he kaalaratri, he kalyani

tera jod dharaa par koyi nahin

meri maan ke baraabar koyi nahin

(meri maan ke baraabar koyi nahin)

teri mamata se jo gahara ho

aisa to saagar koyi nahin

meri maan ke baraabar koyi nahin

(meri maan ke baraabar koyi nahin)

meri maan ke baraabar koyi nahin

(meri maan ke baraabar koyi nahin)

jaise dhara aur nadiya, jaise phool aur bagiya

mere itana zyaada paas hai too

jab naa hoga tera aanchal, naina mere honge jal-thal

jaayenge kahaan phir mere ansu?

dukh door hua mera saara

andhiyaaron mein chamkaa taaraa

naam tera jab bhee hai pukaaraa

sooraj bhee, yahaan hai chanda bhee

tere jesaa ujagar koyi nahin

meri maan ke baraabar koyi nahin

(meri maan ke baraabar koyi nahin)

he kaalaratri, he kalyani

tera jod dharaa par koyi nahin

meri maan ke baraabar koyi nahin

(meri maan ke baraabar koyi nahin)

tere mandiron mein, maai, maine jyot kya jalaai

ho gaya mere ghar mein ujalaa

kya bataaoon teri maaya, jab kabhi main ladkadaaya

tune das bhujaaon se sanbhaala

khil jaatee hai sukhi daali

bhar jaatee hai jholii khaali

teri hee meher hai, meharawaali

mamata se teri bad ke, maiyaa

meri to dharohar koyi nahin

meri maan ke baraabar koyi nahin

(meri maan ke baraabar koyi nahin)

he kaalaratri, he kalyani

tera jod dharaa par koyi nahin

meri maan ke baraabar koyi nahin

(meri maan ke baraabar koyi nahin)

teri mamata se jo gahara ho

aisa to saagar koyi nahin

meri maan ke baraabar koyi nahin

(meri maan ke baraabar koyi nahin)

meri maan ke baraabar koyi nahin

meri maan ke baraabar koyi nahin

maan, meri maan

maan, meri maan

maan, meri maan

meri maan ke baraabar koyi nahin

Achyutam Keshavam Lyrics in Hindi

Lyrics in Hindi

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं
राम नारायणं जानकी बल्लभम

कौन कहता हे भगवान आते नहीं
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं

कौन कहता है भगवान खाते नहीं
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं

कौन कहता है भगवान सोते नहीं
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं

कौन कहता है भगवान नाचते नहीं
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं

नाम जपते चलो काम करते चलो
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो

याद आएगी उनको कभी ना कभी
कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी

achyutam keshavam Lyrics in English

Achyutam keshavam krishna damodaram
Ram narayanam janki vallabham

Kaun kehte hai bhagwan aate nahi
Tum meera ke jaise bulate nahi

Kaun kehte hai bhawan khate nahi
Ber shabri ke jaise khilate nahi

Kaun kehte hai bhagwan sote nahi
Maa yashoda ke jaise sulate nahi

Kaun kehte hai bhagwan nachte nahi
Gopiyo ke jaise tum nachate nahi

Naam japte chalo kaam karte chalo
Har samay krishna ka naam dharte chalo

Yaad aayegi unko kabhi na kabhi
Krishna darshan to denge kabhi na kabhi

Achyutam Keshavam Lyrics in Samskritam

संस्कृत में अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम गीत – अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम राम नारायणम जानकी वल्लभम श्री आदि शंकराचार्य द्वारा रचित है।

Achyutashtakam : Acyutam Keshavam Ramanarayanam
अच्युतस्याष्टकम् : अच्युतं केशवं रामनारायणम्

अच्युतं केशवं रामनारायणं
कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् ।
श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं
जानकीनायकं रामचंद्रं भजे ॥1॥
 

अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं
माधवं श्रीधरं राधिकाराधितम् ।
इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं
देवकीनन्दनं नन्दजं सन्दधे ॥२॥
 

विष्णवे जिष्णवे शाङ्खिने चक्रिणे
रुक्मिणिरागिणे जानकीजानये ।
बल्लवीवल्लभायार्चितायात्मने
कंसविध्वंसिने वंशिने ते नमः ॥३॥
 

कृष्ण गोविन्द हे राम नारायण
श्रीपते वासुदेवाजित श्रीनिधे ।
अच्युतानन्त हे माधवाधोक्षज
द्वारकानायक द्रौपदीरक्षक ॥४॥

राक्षसक्षोभितः सीतया शोभितो
दण्डकारण्यभूपुण्यताकारणः ।
लक्ष्मणेनान्वितो वानरौः सेवितोऽगस्तसम्पूजितो
राघव पातु माम् ॥५॥

धेनुकारिष्टकानिष्टकृद्द्वेषिहा
केशिहा कंसहृद्वंशिकावादकः ।
पूतनाकोपकःसूरजाखेलनो
बालगोपालकः पातु मां सर्वदा ॥६॥

विद्युदुद्योतवत्प्रस्फुरद्वाससं
प्रावृडम्भोदवत्प्रोल्लसद्विग्रहम् ।
वन्यया मालया शोभितोरःस्थलं
लोहिताङ्घ्रिद्वयं वारिजाक्षं भजे ॥७॥
 

कुञ्चितैः कुन्तलैर्भ्राजमानाननं
रत्नमौलिं लसत्कुण्डलं गण्डयोः ।
हारकेयूरकं कङ्कणप्रोज्ज्वलं
किङ्किणीमञ्जुलं श्यामलं तं भजे ॥८॥
 

अच्युतस्याष्टकं यः पठेदिष्टदं
प्रेमतः प्रत्यहं पूरुषः सस्पृहम् ।
वृत्ततः सुन्दरं कर्तृविश्वम्भरस्तस्य
वश्यो हरिर्जायते सत्वरम् ॥९॥

अर्थ के साथ

अच्युतं केशवं रामनारायणं
कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् ।
श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं
जानकीनायकं रामचंद्रं भजे ॥1॥
 

अर्थ:

1.1: हे अच्युत (अच्युत अर्थात जो चलायमान नहीं होता सदा स्थिर रहता है), मैं आपको प्रणाम करता हूंँ, हे केशव (जो सभी को धारण और नियंत्रित करता है, जिसके सुंदर बाल हैं और जिसने राक्षस केशी को मार डाला), मैं आपको प्रणाम करता हूंँ, हे नारायण के अवतार राम (जो बिना किसी दोष के हैं), मैं आपको प्रणाम करता हूंँ।

1.2: हे कृष्ण (जो अपने दिव्य गुणों और सौंदर्य से दूसरों को आकर्षित करते हैं) जो दामोदर के नाम से जाने जाते हैं (जिन्हें माता यशोदा ने कमर में बांधा था), मैं आपको नमस्कार करता हूंँ, हे वासुदेव (वसुदेव के पुत्र), मैं आपको नमस्कार करता हूंँ, हे हरि (जो पापों को हर लेते हैं, जो यज्ञ का प्रसाद प्राप्त करते हैं), मैं आपको नमस्कार करता हूंँ।

1.3: हे श्रीधर (जो श्री को अपने हृदय में धारण करते हैं) मैं तुम्हें प्रणाम करता हूंँ, हे माधव (महालक्ष्मी जिनकी पत्नी हैं) मैं तुम्हें प्रणाम करता हूंँ l जो गोपिकाओं (वृंदावन कि ग्वालिनों) में सबसे प्रिय थे और

  1.4: हे जानकी के स्वामी रामचन्द्र, मैं आपको नमस्कार करता हूँ।

अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं
माधवं श्रीधरं राधिकाराधितम् ।
इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं
देवकीनन्दनं नन्दजं सन्दधे ॥२॥
 

अर्थ:2

2.1: हे अच्युत , मैं तुम्हें नमस्कार करता हूंँ, हे केशव (जो सभी को धारण और नियंत्रित करता है, जिसके सुंदर बाल हैं और जिसने राक्षस केशी को मार डाला), मैं तुम्हें नमस्कार करता हूंँ जो सत्यभामा के स्वामी थे,

  2.2: हे माधव (महालक्ष्मी जिनकी पत्नी हैं), मैं तुम्हें प्रणाम करता हूंँ, हे श्रीधर (जो श्री को अपने सीने पर धारण करते हैं), मैं तुम्हें प्रणाम करता हूंँ, जिनकी पूजा राधिका करती थी,

  2.3: मैं तुम्हें प्रणाम करता हूंँ जो इंदिरा का मंदिर है (अर्थात् उनके हृदय में देवी महालक्ष्मी का पवित्र निवास स्थान), मैं तुम्हें प्रणाम करता हूंँ जो एक सुंदर वैभव हैं,

  2.4: मैं आपको नमस्कार करता हूंँ जो देवकी के पुत्र हैं और मैं आपको भी नमस्कार करता हूंँ जो नंद को दिए जाने के कारण उनके पुत्र बने।

विष्णवे जिष्णवे शाङ्खिने चक्रिणे
रुक्मिणिरागिणे जानकीजानये ।
बल्लवीवल्लभायार्चितायात्मने
कंसविध्वंसिने वंशिने ते नमः ॥३॥
 

अर्थ:3

3.1: मैं तुम्हें नमस्कार करता हूंँ जो विष्णु (सर्वव्यापी) हैं, मैं तुम्हें नमस्कार करता हूंँ जो जिष्णु (सर्वदा विजयी) हूंँ, मैं तुम्हें नमस्कार करता हूंँ जो शंख  धारण करते हैं , मैं तुम्हें नमस्कार करता हूंँ जो  चक्र (चक्र) धारण करता हैं।

  3.2: मैं आपको नमस्कार करता हूंँ जो रुक्मिणी को अत्यंत प्रिय हैं, मैं आपको नमस्कार करता हूंँ जिनकी पत्नी जानकी थीं,

  3.3: मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जिनकी प्यारी ग्वालबालों ने अपने हृदय में पूजा की थी,

  3.4: मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जिन्होंने कंस का विनाश किया और मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जिन्होंने बांसुरी बजाई।

 कृष्ण गोविन्द हे राम नारायण
श्रीपते वासुदेवाजित श्रीनिधे ।
अच्युतानन्त हे माधवाधोक्षज
द्वारकानायक द्रौपदीरक्षक ॥४॥

अर्थ:4

4.1: हे कृष्ण, गोविंद के अवतार (जिन्हें वेदों के माध्यम से जाना जा सकता है), मैं आपको प्रणाम करता हूंँ, हे नारायण के अवतार राम (जो बिना किसी दोष के हैं), मैं आपको प्रणाम करता हूंँ।

  4.2: हे श्रीपति (श्री के स्वामी), मैं आपको प्रणाम करता हूंँ, हे वासुदेव (वसुदेव के पुत्र), अजेय, मैं आपको प्रणाम करता हूंँ, हे श्रीनिधि (श्री के भंडार), मैं आपको प्रणाम करता हूंँ।

  4.3: हे अच्युत, हे अनंत, मैं आपको नमस्कार करता हूंँ, मैं आपको नमस्कार करता हूंँ । हे माधव , अधोक्षज के अवतार (जिन्हें केवल आगम के माध्यम से ही जाना जा सकता है),

  4.4: हे द्वारका के भगवान, मैं आपको प्रणाम करता हूंँ और मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जिन्होंने द्रौपदी को बचाया।

 राक्षसक्षोभितः सीतया शोभितो
दण्डकारण्यभूपुण्यताकारणः ।
लक्ष्मणेनान्वितो वानरौः सेवितोऽगस्तसम्पूजितो
राघव पातु माम् ॥५॥

अर्थ:5

5.1: मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जिन्होंने राक्षसों को भयभीत किया (श्री राम के रूप में), मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जो देवी सीता के संग अपने पक्ष में सुशोभित हैं,

  5.2: मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जो दंडकारण्य की भूमि की शुद्धि का कारण थे,

  5.3: मैं आपको नमस्कार करता हूंँ जिनकी सेवा लक्ष्मण ने की थी, मैं आपको नमस्कार करता हूंँ जिनकी सेवा वानरों ने की थी और

  5.4: मैं आपको नमस्कार करता हूंँ जिनकी पूजा ऋषि अगस्त्य ने की थी; हे राघव कृपया मेरी रक्षा करें।

धेनुकारिष्टकानिष्टकृद्द्वेषिहा
केशिहा कंसहृद्वंशिकावादकः ।
पूतनाकोपकःसूरजाखेलनो
बालगोपालकः पातु मां सर्वदा ॥६॥

अर्थ:6

6.1: मैं आपको (बांसुरी वादक को) प्रणाम करता हूंँ जिसने राक्षसों धेनुका और अरिष्टक (कंस द्वारा भेजे गए) कि शत्रुता एवं आक्रमणों को विफल कर दिया,

  6.2: और केसी और कंस को भी, मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जिन्होंने अपनी बांसुरी पर भावपूर्ण धुनें बजाईं और

  6.3: मैं आपको (बालगोपाल को) प्रणाम करता हूंँ, जिन्होंने पूतना के क्रोध को विफल कर दिया, जिसने देवी के रूप मेंआकर छल किया (अर्थात् बाल कृष्ण को मारने के लिए देवी का रूप धारण किया),

  6.4: हे बालगोपाल, मैं आपको प्रणाम करता हूंँ, कृपया हमेशा मेरी रक्षा  करें (जैसे आपने राक्षसों के हमलों को विफल कर दिया था, वैसे ही मेरे खतरों को विफल करके आप मेरी रक्षा करें)।

विद्युदुद्योतवत्प्रस्फुरद्वाससं
प्रावृडम्भोदवत्प्रोल्लसद्विग्रहम् ।
वन्यया मालया शोभितोरःस्थलं
लोहिताङ्घ्रिद्वयं वारिजाक्षं भजे ॥७॥
 

अर्थ:7

7.1: मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जिनके वस्त्र आकाश में बिजली की तरह चमकते हैं,

  7.2: मैं आपको नमस्कार करता हूंँ जिनका सुंदर रूप वर्षा ऋतु के बादलों की तरह चलता है,

  7.3: मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जिसका वक्षस्थल  वनमाला (जंगली फूलों की माला) से सुशोभित है और

  7.4: मैं आपको नमस्कार करता हूंँ जिनके पदयुगल अत्यंत सुंदर आकर्षक व ताम्रवर्णी हैं और जिनकी आंखें कमल के समान सुंदर हैं।

कुञ्चितैः कुन्तलैर्भ्राजमानाननं
रत्नमौलिं लसत्कुण्डलं गण्डयोः ।
हारकेयूरकं कङ्कणप्रोज्ज्वलं
किङ्किणीमञ्जुलं श्यामलं तं भजे ॥८॥

अर्थ:8

8.1: मैं तुम्हें प्रणाम करता हूंँ जिनकी अति शोभित मुखमंडल पर घुंघराले बालों की खूबसूरत और उलझी हुईं सी लटें हैं,

  8.2: सिर पर रत्न और कानों में चमकते हुए कुण्डलों से सुशोभित मुख वाले आपको मैं नमस्कार करता हूँ।

  8.3: मैं आपको नमस्कार करता हूंँ जिनकी भुजाएं और कमर चमकते कंगनों से सुशोभित हैं,

  8.4: मैं आपको प्रणाम करता हूंँ जो अपने श्याम वर्ण शरीर पर छोटी-छोटी पैजनियां पहनते हैं जो अति मनभावन ध्वनि उत्पन्न करती हैं।

अच्युतस्याष्टकं यः पठेदिष्टदं
प्रेमतः प्रत्यहं पूरुषः सस्पृहम् ।
वृत्ततः सुन्दरं कर्तृविश्वम्भरस्तस्य
वश्यो हरिर्जायते सत्वरम् ॥९॥

अर्थ:9

9.1: जो कोई इष्ट (अर्थात् अच्युत) को अर्पण करने के लिए अच्युताष्टकम् का पाठ करता है,

  9.2: प्रतिदिन भक्ति व प्रीति के साथ ईश्वर मय होकर ईश्वर प्राप्ति के लिये,

  9.3: जो अत्यंत सौंदर्य मय होकर समग्र विश्व को व्याप्त करता है,

  9.4: उनकी इच्छा से शीघ्र ही हरि के धाम को प्राप्त हो जायेंगे।

IN ENGLISH Acyutam Keshavam Raama-Naaraayannam Lyrics

Acyutam Keshavam Raama-Naaraayannam
Krssnna-Daamodaram Vaasudevam Harim |
Shrii-Dharam Maadhavam Gopikaa-Vallabham
Jaanakii-Naayakam Raamacamdram Bhaje ||

Meaning:

1.1: I Salute You O Acyuta (the Infallible One), I Salute You O Keshava (Who nominates and Controls everyone, Who has beautiful Hair and Who killed the demon Keshi), I Salute You O Rama the Incarnation of Narayana (Who is without any blemish),
1.2: I Salute You O Krishna (Who attracts others by His Divine Attributes and Beauty) Who is known as Damodara (Who was tied by Mother Yashoda around the waist) , I Salute You O Vasudeva (Son of Vasudeva), I Salute You O Hari (Who takes away the Sins, Who Receives the Offerings of the Yajna),
1.3: I Salute You O Sridhara (Who Bears Sri on His Chest), I Salute You O Madhava (Consort of Mahalakshmi), I Salute You Who was the Most Beloved of the Gopikas (the Cowherd Girls of Vrindavana) and
1.4: I Salute You O Ramachandra the Lord of Janaki.

Acyutam Keshavam Satyabhaamaa-Dhavam
Maadhavam Shrii-Dharam Raadhika-[A]araadhitam |
Indiraa-Mandiram Cetasaa Sundaram
Devakii-Nandanam Nanda-Jam San-Dadhe ||2||

Meaning:

2.1: I Salute You O Acyuta (the Infallible One), I Salute You O Keshava (Who nominates and Controls everyone, Who has beautiful Hair and Who killed the demon Keshi), I Salute You Who was the Lord of Satyabhama,
2.2: I Salute You O Madhava (Consort of Mahalakshmi), I Salute You O Sridhara (Who Bears Sri on His Chest), I Salute You Who was Worshipped by Radhika,
2.3: I Salute You Who is the Temple of Indira (i.e. the Sacred Abiding Place of Devi Mahalakshmi in His Heart), I Salute You Who has a Beautiful Splendour,
2.4: I Salute You Who is the Son of Devaki and I Salute You Who became the Son of Nanda by being Given to him.

Vissnnave Jissnnave Shaangkhine Cakrinne
Rukminni-Raaginne Jaanakii-Jaanaye |
Ballavii-Vallabhaay-Aarcitaay-Aatmane
Kamsa-Vidhvamsine Vamshine Te Namah ||3||

Meaning:

3.1: I Salute You Who is Vishnu (the All-Pervading One), I Salute You Who is Jishnu (the ever Victorious One), I Salute You Who holds the Sankha (the Conch-Shell), I Salute You O holds the Chakra (the Discus),
3.2: I Salute You Who is Extremely Dear to Rukmini, I Salute You Who had Janaki as His Wife,
3.3: I Salute You Who was Worshipped by the Beloved Cowherd Girls in their Hearts,
3.4: I Salute You Who Destroyed Kamsa and I Salute You Who Played the Flute.

 Krssnna Govinda He Raama Naaraayanna
Shrii-Pate Vaasudeva-Ajita Shrii-Nidhe |
Acyuta-Ananta He Maadhava-Adhokssaja
Dvaarakaa-Naayaka Draupadii-Rakssaka ||4||

Meaning:

4.1: I Salute You O Krishna the Incarnation of Govinda (Who can be known through Vedas), I Salute You O Rama the Incarnation of Narayana (Who is without any blemish),
4.2: I Salute You O Sripati (the Consort of Sri), I Salute You O Vasudeva (Son of Vasudeva) the Unconquerable One, I Salute You O Srinidhi (the Storehouse of Sri),
4.3: I Salute You O Acyuta (Who is Infallible) the Endless One, I Salute You O Madhava (Consort of Mahalakshmi) the Incarnation of Adhokshaja (Who can be known only through Agamas),
4.4: I Salute You O Lord of Dwaraka and I Salute You Who Saved Draupadi.

 Raakssasa-Kssobhitah Siitayaa Shobhito
Dannddakaarannya-Bhuu-Punnyataa-Kaarannah |
Lakssmannen-Aanvito Vaanarauh Sevito-
[A]gasta-Sampuujito Raaghava Paatu Maam ||5||

Meaning:

5.1: I Salute You Who Agitated the Rakshasas (as Sri Rama), I Salute You Who is Adorned by Devi Sita at His side,
5.2: I Salute You Who was the Cause of Purification of the Land of Dandakaranya,
5.3: I Salute You Who was Attended by Lakshmana, I Salute You Who was Served by the Vanaras (Monkeys) and
5.4: I Salute You Who was Worshipped by sage Agastya; O Raghava please Protect Me.

 Dhenuka-Arissttaka-Anisstta-Krd-Dvessihaa
Keshihaa Kamsa-Hrd-Vamshikaa-Vaadakah |
Puutanaa-Kopakah-Suura-Jaa-Khelano
Baala-Gopaalakah Paatu Maam Sarvadaa ||6||

Meaning:

6.1: I Salute You (the Player of the Flute) Who Thwarted the Enmity and Attacks of demons Dhenuka and Aristaka (sent by Kamsa),
6.2: and also Kesi and Kamsa, I Salute You Who Played Soulful Tunes on His Flute and
6.3: I Salute You (the Balagopala) Who Thwarted the Anger of Putana who Played as Born of Deva (i.e. assumed the form of a Devi to kill child Krishna),
6.4: I Salute You O Balagopala, please Protect Me Always (by thwarting my dangers as You thwarted the attacks of the demons).

Vidyud-Udyota-Vat-Prasphurad-Vaasasam
Praavrdd-Ambhoda-Vat-Prollasad-Vigraham |
Vanyayaa Maalayaa Shobhito[a-U]rahsthalam
Lohita-Angghri-Dvayam Vaarija-Akssam Bhaje ||7||

Meaning:

7.1: I Salute You Whose Garments Flash Like the Rise of Lightning in the Sky,
7.2: I Salute You Whose Handsome Form Moves Like the Clouds of the Rainy Season,
7.3: I Salute You Whose Chest is Adorned with Vanamala (Garland of Wild Flowers) and
7.4: I Salute You Whose Pair of Feet is Beautiful Reddish and Whose Eyes are like Lotus.

Kun.citaih Kuntalair-Bhraajamaana-Ananam
Ratna-Maulim Lasat-Kunnddalam Gannddayoh |
Haara-Keyuurakam Kangkanna-Projjvalam
Kingkinnii-Man.julam Shyaamalam Tam Bhaje ||8||

Meaning:

8.1: I Salute You Who has Beautiful Locks of Curly Hairs over His Shining Face,
8.2: I Salute You Whose Face is Adorned with Gem on the Head and Shining Ear-Rings on the Ears,
8.3: I Salute You Whose Arms and Waist are Adorned with Shining Bracelets,
8.4: I Salute You Who wear Tiny Bells over His Dark Body which make Pleasing Sounds.

Acyutasyaassttakam Yah Patthed-Isstta-Dam
Prematah Pratyaham Puurussah Sasprham |
Vrttatah Sundaram Kartr-Vvishvambharas-Tasya
Vashyo Harirjaayate Satvaram ||9||

Meaning:

9.1: Whoever Recites the Acyutashtakam as an Offering to Ishta (i.e. Acyuta),
9.2: With Devotion, Everyday and with Longing for the Purusha (the Supreme Being),
9.3: The Acyutashtakam Which Beautifully Encircles the All-Sustaining Being,
9.4: Will Quickly reach the Abode of Hari by His Will.

Hare Krishna Hare Krishna Ram Ram Hare Hare ||

Aigiri Nandini Lyrics In Hindi

| Mahishasura Mardini | महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र

Aigiri Nandini Lyrics

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।
भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १ ॥

सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते
त्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरते
दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २ ॥

अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रियवासिनि हासरते
शिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमालय शृङ्गनिजालय मध्यगते ।
मधुमधुरे मधुकैटभगञ्जिनि कैटभभञ्जिनि रासरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ३ ॥

अयि शतखण्ड विखण्डितरुण्ड वितुण्डितशुण्द गजाधिपते
रिपुगजगण्ड विदारणचण्ड पराक्रमशुण्ड मृगाधिपते ।
निजभुजदण्ड निपातितखण्ड विपातितमुण्ड भटाधिपते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ४ ॥

अयि रणदुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धरनिर्जर शक्तिभृते
चतुरविचार धुरीणमहाशिव दूतकृत प्रमथाधिपते ।
दुरितदुरीह दुराशयदुर्मति दानवदुत कृतान्तमते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ५ ॥

अयि शरणागत वैरिवधुवर वीरवराभय दायकरे
त्रिभुवनमस्तक शुलविरोधि शिरोऽधिकृतामल शुलकरे ।
दुमिदुमितामर धुन्दुभिनादमहोमुखरीकृत दिङ्मकरे
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ६ ॥

अयि निजहुङ्कृति मात्रनिराकृत धूम्रविलोचन धूम्रशते
समरविशोषित शोणितबीज समुद्भवशोणित बीजलते ।
शिवशिवशुम्भ निशुम्भमहाहव तर्पितभूत पिशाचरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ७ ॥

धनुरनुषङ्ग रणक्षणसङ्ग परिस्फुरदङ्ग नटत्कटके
कनकपिशङ्ग पृषत्कनिषङ्ग रसद्भटशृङ्ग हताबटुके ।
कृतचतुरङ्ग बलक्षितिरङ्ग घटद्बहुरङ्ग रटद्बटुके
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ८ ॥

सुरललना ततथेयि तथेयि कृताभिनयोदर नृत्यरते
कृत कुकुथः कुकुथो गडदादिकताल कुतूहल गानरते ।
धुधुकुट धुक्कुट धिंधिमित ध्वनि धीर मृदङ्ग निनादरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ९ ॥

जय जय जप्य जयेजयशब्द परस्तुति तत्परविश्वनुते
झणझणझिञ्झिमि झिङ्कृत नूपुरशिञ्जितमोहित भूतपते ।
नटित नटार्ध नटी नट नायक नाटितनाट्य सुगानरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १० ॥

अयि सुमनःसुमनःसुमनः सुमनःसुमनोहरकान्तियुते
श्रितरजनी रजनीरजनी रजनीरजनी करवक्त्रवृते ।
सुनयनविभ्रमर भ्रमरभ्रमर भ्रमरभ्रमराधिपते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ११ ॥

सहितमहाहव मल्लमतल्लिक मल्लितरल्लक मल्लरते
विरचितवल्लिक पल्लिकमल्लिक झिल्लिकभिल्लिक वर्गवृते ।
शितकृतफुल्ल समुल्लसितारुण तल्लजपल्लव सल्ललिते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १२ ॥

अविरलगण्ड गलन्मदमेदुर मत्तमतङ्ग जराजपते
त्रिभुवनभुषण भूतकलानिधि रूपपयोनिधि राजसुते ।
अयि सुदतीजन लालसमानस मोहन मन्मथराजसुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १३ ॥

कमलदलामल कोमलकान्ति कलाकलितामल भाललते
सकलविलास कलानिलयक्रम केलिचलत्कल हंसकुले ।
अलिकुलसङ्कुल कुवलयमण्डल मौलिमिलद्बकुलालिकुले
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १४ ॥

करमुरलीरव वीजितकूजित लज्जितकोकिल मञ्जुमते
मिलितपुलिन्द मनोहरगुञ्जित रञ्जितशैल निकुञ्जगते ।
निजगणभूत महाशबरीगण सद्गुणसम्भृत केलितले
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १५ ॥

कटितटपीत दुकूलविचित्र मयुखतिरस्कृत चन्द्ररुचे
प्रणतसुरासुर मौलिमणिस्फुर दंशुलसन्नख चन्द्ररुचे
जितकनकाचल मौलिमदोर्जित निर्भरकुञ्जर कुम्भकुचे
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १६ ॥

विजितसहस्रकरैक सहस्रकरैक सहस्रकरैकनुते
कृतसुरतारक सङ्गरतारक सङ्गरतारक सूनुसुते ।
सुरथसमाधि समानसमाधि समाधिसमाधि सुजातरते ।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १७ ॥

पदकमलं करुणानिलये वरिवस्यति योऽनुदिनं सुशिवे
अयि कमले कमलानिलये कमलानिलयः स कथं न भवेत् ।
तव पदमेव परम्पदमित्यनुशीलयतो मम किं न शिवे
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १८ ॥

कनकलसत्कलसिन्धुजलैरनुषिञ्चति तेगुणरङ्गभुवम्
भजति स किं न शचीकुचकुम्भतटीपरिरम्भसुखानुभवम् ।
तव चरणं शरणं करवाणि नतामरवाणि निवासि शिवम्
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ १९ ॥

तव विमलेन्दुकुलं वदनेन्दुमलं सकलं ननु कूलयते
किमु पुरुहूतपुरीन्दु मुखी सुमुखीभिरसौ विमुखीक्रियते ।
मम तु मतं शिवनामधने भवती कृपया किमुत क्रियते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २० ॥

अयि मयि दीन दयालुतया कृपयैव त्वया भवितव्यमुमे
अयि जगतो जननी कृपयासि यथासि तथानुमितासिरते ।
यदुचितमत्र भवत्युररीकुरुतादुरुतापमपाकुरुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ २१ ॥

Aigiri Nandini Lyrics in English

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Ayi Giri-Nandini Nandita-Medini
Vishva-Vinodini Nandi-Nute
Giri-Vara-Vindhya-Shiro-[A]dhi-Nivaasini
Vissnnu-Vilaasini Jissnnu-Nute |
Bhagavati He Shiti-Kannttha-Kuttumbini
Bhuri-Kuttumbini Bhuri-Krte
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 1 ||

Sura-Vara-Varssinni Durdhara-Dharssinni
Durmukha-Marssinni Harssa-Rate
Tribhuvana-Possinni Shangkara-Tossinni
Kilbissa-Mossinni Ghossa-Rate
Danuja-Nirossinni Diti-Suta-Rossinni
Durmada-Shossinni Sindhu-Sute
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 2 ||

Ayi Jagad[t]-Amba Mad-Amba Kadamba
Vana-Priya-Vaasini Haasa-Rate
Shikhari Shiro-Manni Tungga-Himalaya
Shrngga-Nija-[Aa]laya Madhya-Gate |
Madhu-Madhure Madhu-Kaittabha-Ganjjini
Kaittabha-Bhanjjini Raasa-Rate
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 3 ||

Ayi Shata-Khanndda Vikhannddita-Runndda
Vitunnddita-Shunnda Gaja-[A]dhipate
Ripu-Gaja-Ganndda Vidaaranna-Canndda
Paraakrama-Shunndda Mrga-[A]dhipate |
Nija-Bhuja-Danndda Nipaatita-Khanndda
Vipaatita-Munndda Bhatta-[A]dhipate
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 4 ||

Ayi Ranna-Durmada Shatru-Vadho[a-U]dita
Durdhara-Nirjara Shakti-Bhrte
Catura-Vicaara Dhuriinna-Mahaashiva
Duuta-Krta Pramatha-[A]dhipate |
Durita-Duriiha Duraashaya-Durmati
Daanava-Duta Krtaanta-Mate
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 5 ||

Ayi Sharannaagata Vairi-Vadhuvara
Viiravara-[A]bhaya Daaya-Kare
Tri-Bhuvana-Mastaka Shula-Virodhi
Shiro-[A]dhikrta-[A]mala Shula-Kare |
Dumi-Dumi-Taamara Dhundubhi-Naadam-Aho-Mukhariikrta Dingma-Kare
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 6 ||

Ayi Nija-Hungkrti Maatra-Niraakrta
Dhumravilocana Dhumra-Shate
Samara-Vishossita Shonnita-Biija
Samudbhava-Shonnita Biija-Late |
Shiva-Shiva-Shumbha Nishumbha-Mahaahava
Tarpita-Bhuta Pishaaca-Rate
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 7 ||

Dhanur-Anussangga Ranna-Kssanna-Sangga
Parisphurad-Angga Nattat-Kattake
Kanaka-Pishangga Prssatka-Nissangga
Rasad-Bhatta-Shrngga Hataa-Battuke |
Krta-Caturangga Bala-Kssiti-Rangga
Ghattad-Bahu-Rangga Rattad-Battuke
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 8 ||

Sura-Lalanaa Tatatheyi Tatheyi
Krta-Abhinayo-[U]dara Nrtya-Rate
Krta Kukuthah Kukutho Gaddadaadika-Taala
Kutuuhala Gaana-Rate |
Dhudhukutta Dhukkutta Dhimdhimita Dhvani
Dhiira Mrdamga Ninaada-Rate
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 9 ||

Jaya Jaya Japya Jaye-Jaya-Shabda
Para-Stuti Tat-Para-Vishva-Nute
Jhanna-Jhanna-Jhinjjhimi Jhingkrta
Nuupura-Shinjjita-Mohita Bhuuta-Pate |
Nattita Nattaardha Nattii Natta Naayaka
Naattita-Naattya Su-Gaana-Rate
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 10 ||

Ayi Sumanah-Sumanah-Sumanah
Sumanah-Sumanohara-Kaanti-Yute
Shrita-Rajanii Rajanii-Rajanii
Rajanii-Rajanii Kara-Vaktra-Vrte |
Sunayana-Vi-Bhramara Bhramara-Bhramara
Bhramara-Bhramara-[A]dhipate
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 11 ||

Sahita-Mahaahava Mallama-Tallika
Malli-Tarallaka Malla-Rate
Viracita-Vallika Pallika-Mallika
Jhillika-Bhillika Varga-Vrte |
Shita-Krta-Phulla Samullasita-[A]runna
Tallaja-Pallava Sal-Lalite
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 12 ||

Avirala-Ganndda Galan-Mada-Medura
Matta-Matangga ja-Raaja-Pate
Tri-Bhuvana-Bhussanna Bhuuta-Kalaanidhi
Ruupa-Payo-Nidhi Raaja-Sute |
Ayi Sudatii-Jana Laalasa-Maanasa
Mohana Manmatha-Raaja-Sute
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 13 ||

Kamala-Dala-[A]mala Komala-Kaanti
Kalaa-Kalita-[A]mala Bhaalalate
Sakala-Vilaasa Kalaa-Nilaya-Krama
Keli-Calat-Kala Hamsa-Kule |
Alikula-Sangkula Kuvalaya-Mannddala
Mouli-Milad-Bakula-Ali-Kule
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 14 ||

Kara-Muralii-Rava Viijita-Kuujita
Lajjita-Kokila Manjju-Mate
Milita-Pulinda Manohara-Gunjjita
Ranjjita-Shaila Nikunjja-Gate |
Nija-Ganna-Bhuuta Mahaa-Shabarii-Ganna
Sad-Gunna-Sambhrta Keli-Tale
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 15 ||

Kattitatta-Piita Dukuula-Vicitra
Mayukha-Tiraskrta Candra-Ruce
Prannata-Suraasura Mouli-Manni-Sphura
D-Amshula-Sannakha Candra-Ruce
Jita-Kanaka-[A]cala Mouli-Mado[a-Uu]rjita
Nirbhara-Kunjjara Kumbha-Kuce
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 16 ||

Vijita-Sahasra-Karaika Sahasra-Karaika
Sahasra-Karaika-Nute
Krta-Sura-Taaraka Sanggara-Taaraka
Sanggara-Taaraka Suunu-Sute |
Suratha-Samaadhi Samaana-Samaadhi
Samaadhi-Samaadhi Sujaata-Rate |
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 17 ||

Pada-Kamalam Karunnaa-Nilaye
Varivasyati Yo-[A]nudinam Su-Shive
Ayi Kamale Kamalaa-Nilaye
Kamalaa-Nilayah Sa Katham Na Bhavet |
Tava Padam-Eva Param-Padam-Ity-Anushiilayato
Mama Kim Na Shive
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 18 ||

Kanaka-Lasat-Kala-Sindhu-Jalair-Anussinccati
Te-Gunna-Rangga-Bhuvam
Bhajati Sa Kim Na
Shacii-Kuca-Kumbha-Tattii-Parirambha-Sukha-[A]nubhavam |
Tava Carannam Sharannam Kara-Vaanni
Nata-Amara-Vaanni Nivaasi Shivam
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 19 ||

Tava Vimale[a-I]ndu-Kulam Vadane[a-I]ndu-Malam
Sakalam Nanu Kuula-Yate
Kimu Puruhuuta-Purii-Indu Mukhii
Sumukhiibhir-Asou Vimukhii-Kriyate |
Mama Tu Matam Shiva-Naama-Dhane
Bhavatii Krpayaa Kimuta Kriyate
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 20 ||

Ayi Mayi Diina Dayaalu-Tayaa
Krpaya-Iva Tvayaa Bhavitavyam-Ume
Ayi Jagato Jananii Krpayaasi
Yathaasi Tathanu-mita-Asira-Te |
Yad-Ucitam-Atra Bhavatyurarii-Kurutaa-Duru-Taapam-Apaakurute
Jaya Jaya He Mahissaasura-Mardini
Ramya-Kapardini Shaila-Sute || 21 ||

प्रश्न

आईगिरीनंदिनी का क्या अर्थ है?

अयिगिरि का अर्थ है पर्वतराज कि पुत्री (गिरि का अर्थ है पर्वत) और नंदिनी का अर्थ है जो दुनिया को खुशी/आनंद देती है। यह दुर्गा अवतार में देवी पार्वती को संदर्भित करता है जिन्होंने महिषासुर राक्षस का वध किया था। यही कारण है कि उन्हें महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है।

आईगिरी नंदिनी किसने लिखी है?

ऐगिरि नंदिनी की रचना आदि गुरु शंकराचार्य ने संस्कृत में की थी।

महिषासुर का क्या अर्थ है?

महिष शब्द का अर्थ है भैंसा और असुर का अर्थ है राक्षस। अतः महिषासुर का अर्थ भैंसा राक्षस है।

दुर्गा ने महिषासुर का वध कैसे किया?

महिषासुर एक राक्षस था जो जल्दी से अपना रूप बदल सकता था। उसे वरदान था कि वह कभी किसी मनुष्य के हाथों नहीं मारा जायेगा। जब इंद्र के नेतृत्व में भगवान और महिषासुर के नेतृत्व में राक्षसों के बीच युद्ध शुरू हुआ, तो देवता हार गए। निराश होकर देवताओं ने अपनी दिव्य शक्तियों को देवी दुर्गा में समाहित कर दिया। इसके बाद मां दुर्गा ने महिषासुर से 15 दिनों तक युद्ध किया और राक्षस महिषासुर का वध कर दिया।

एक प्रचलित लोककथा के अनुसार

यह स्तोत्र श्री आदि शंकराचार्य श्री मुख से गाया हुआ माँ भगवती का अत्यंत प्रिय स्तोत्र है। इसकी रचना उन्होंने स्वयं की थी।

   इसकी उत्पत्ति के बारे में एक पौराणिक कथा प्रचलित है, जो आदि गुरु के जीवन की एक घटना से ली गई है।

   एक बार वे अपने शिष्यों के साथ एक बहुत संकरी गली से स्नान के लिए मणिकर्णिका घाट जा रहे थे, मणिकर्णिका घाट एक श्मशान घाट भी है।

   सड़क पर एक युवती अपने मृत पति का सिर गोद में लेकर बैठी विलाप कर रही थी, सड़क संकरी होने के कारण शव को हटाना आवश्यक था, न कि उसे पार करना, सड़क पार करना, हमारे धर्म में किसी भी व्यक्ति को पार करना स्वयं भगवान को पार करना है, इसलिए यह बिल्कुल वर्जित है।

   उनके शिष्यों ने महिला से अपने पति के शव को हटाने और रास्ता देने की प्रार्थना की, किंतु महिला ने उनकी बात सुनकर भी अनसुनी कर दी और  सुने बिना ही रोती रही। तब आचार्य ने स्वयं उनसे शव हटाने का अनुरोध किया।

   उनकी विनती सुनकर वह स्त्री कहने लगी- ‘हे महात्मा! आप बार-बार मुझसे इस शरीर को हटाने के लिए कह रहे हैं। आप इसी शरीर को जाने के लिए क्यों नहीं कहते?’

   यह सुनकर आचार्य ने कहा-हे देवी! शायद तुम शोक में यह भूल गयी हो कि शव में स्वयं हिलने-डुलने की शक्ति नहीं होती।’

   स्त्री ने तुरंत उत्तर दिया – ‘महात्मा, आपके अनुसार शक्तिहीन ब्रह्म ही संसार का कर्ता है। तो फिर इस शरीर को बिना शक्ति के हटाया क्यों नहीं जा सकता?’

   उस स्त्री का इतना गंभीर, ज्ञानपूर्ण, रहस्यमय वाक्य सुनकर आचार्य वहीं बैठ गए, उन्हें समाधि लग गई और समाधि में निमग्न होकर  उन्होंने  सारे रहस्य को समझ लिया। 

   सर्वत्र आद्या शक्ति महामाया लीला का विलास है। उनका हृदय अवर्णनीय आनंद से भर गया और मातृवंदन के शब्द उनके मुख से इस महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र के रूप में आविर्भूत होने लगे ।

महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र के पाठ का बड़ा महत्व है |

   इस स्तोत्र को बहुत शक्तिशाली माना जाता है, मान्यताओं के अनुसार इस स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएंँ दूर हो जाती हैं।

   यह भी माना जाता है कि जिसे शक्ति की इच्छा हो उसे इस स्तोत्र से मांँ भगवती की आराधना करनी चाहिए। इनकी पूजा करने से बड़े से बड़े दुःख भी तुरंत दूर हो जाते हैं।

   वैसे तो हिंदू धर्मग्रंथों में मां की पूजा के कई तरीके बताए गए हैं, लेकिन उनमें से इस स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है। आद्य शंकराचार्य स्वयं एक सिद्ध पुरुष थे और इस महान स्तोत्र में उनकी योग शक्ति का अलौकिक प्रभाव भी है जिससे यह अत्यधिक सकारात्मक ऊर्जा के साथ सक्रिय रूप से उत्तम प्रभाव को प्रदान करने वाला है।

   शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति दिन में एक बार भी मां महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र का पाठ करता है, उसके जीवन में कोई खतरा/भय नहीं रहता और वह कभी नरक नहीं जाता। अर्थात उसके जीवन का जीते जी ही कल्याण हो जाता है।

स्तोत्र के रचयिता आदि शंकराचार्य

आदि शंकराचार्य, जिन्हें अक्सर आदि शंकराचार्य के रूप में जाना जाता है, हिंदू दर्शन में एक मौलिक व्यक्ति थे और अद्वैत वेदांत के एक प्रमुख प्रस्तावक थे, जो हिंदू धर्म में वेदांत दर्शन के मुख्य उप-विद्यालयों में से एक है। अद्वैत वेदांत, जो वेदों के “गैर-द्वैतवादी निष्कर्ष” का अनुवाद करता है, दावा करता है कि सच्चा आत्म, आत्मा, उच्चतम आध्यात्मिक वास्तविकता, ब्रह्म के समान है।

adi shankara

आठवीं शताब्दी ईस्वी के आसपास वर्तमान केरल, भारत में जन्मे, शंकर कम उम्र से ही अपनी विद्वता और आध्यात्मिक कौशल के लिए जाने जाते थे। उन्होंने उपनिषदों और अन्य हिंदू धर्मग्रंथों का अध्ययन करते हुए एक भटकते भिक्षु बनने के लिए कम उम्र में अपना घर छोड़ दिया।

शंकर हिंदू दर्शन के विभिन्न ग्रंथों पर अपनी टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने उपनिषदों, भगवद गीता और ब्रह्म सूत्र पर व्यापक टिप्पणियाँ लिखीं। इन कार्यों का हिंदू दर्शन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है और पूरे भारत में अद्वैत वेदांत दर्शन को समझाने और फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शंकर ने भारत के चार कोनों में चार मठों (मठों) की भी स्थापना की, जिससे अद्वैत वेदांत के ऐतिहासिक विकास, पुनरुद्धार और प्रसार में सहायता मिली। ऐसा माना जाता है कि आदि शंकराचार्य की मृत्यु 32 वर्ष की आयु में हुई थी, फिर भी भारत की दार्शनिक परंपराओं और आध्यात्मिकता पर उनका प्रभाव बहुत अधिक है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आदि शंकराचार्य को आधुनिक शंकराचार्यों के साथ भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए, जो आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित मठों के प्रमुख हैं और हिंदू धर्म के भीतर विभिन्न संप्रदायों के आध्यात्मिक नेता माने जाते हैं।

आदि शंकराचार्य ने अपने पूरे जीवन में पारंपरिक हिंदू मान्यताओं और प्रथाओं की रक्षा और पुनर्स्थापना का लक्ष्य रखा। उन्होंने कुछ विचारधाराओं की कर्मकांडीय प्रथाओं के विरुद्ध जमकर बहस की और अपने समय के दौरान लोकप्रिय विभिन्न धार्मिक मान्यताओं, जैसे बौद्ध धर्म और जैन धर्म की आलोचना कि और उनकी कमियों कि ओर ध्यान दिलाया।

उनके दर्शन का मुख्य पहलू, अद्वैत वेदांत, बौद्ध विचार और अन्य द्वैतवादी दर्शन के प्रभुत्व की प्रतिक्रिया थी जो परमात्मा और व्यक्तिगत स्व के बीच अंतर मानते थे। जवाब में, शंकर ने वास्तविकता का एक अद्वैतवादी (अद्वैत) दृष्टिकोण विकसित और प्रचारित किया, यह तर्क देते हुए कि व्यक्तिगत स्व और अंतिम वास्तविकता, या ब्रह्म, एक ही हैं।

इसे उपनिषदों के महान कथनों (महावाक्य) में से एक में संक्षेपित किया गया है: “तत् त्वम असि” या “आप वह हैं”, जिसमें “वह” ब्रह्म का संदर्भ देता है। शंकर के अनुसार, हमारे वास्तविक स्वरूप की अज्ञानता (अविद्या) दुख (संसार) का कारण है, और मुक्ति (मोक्ष) व्यक्तिगत स्व (आत्मान) और सार्वभौमिक स्व (ब्राह्मण) की एकता की प्राप्ति से प्राप्त होती है।

शंकर ने अपनी शिक्षाओं का प्रचार करने के तरीकों में एक कई भजनों और ग्रंथों की रचना की थी जो आज भी हिंदू धार्मिक प्रथाओं में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, उन्होंने विवेकचूड़ामणि (भेदभाव का शिखर रत्न), आध्यात्मिक पथ पर साधकों के लिए एक मैनुअल, और भज गोविंदम (गोविंदा की पूजा करें), एक लोकप्रिय भक्ति भजन की रचना की।

संक्षेप में, आदि शंकराचार्य को हिंदू दर्शन में एक महान व्यक्ति के रूप में सम्मानित किया जाता है। उनका अद्वैत वेदांत हिंदू धर्म में प्रमुख दार्शनिक विद्यालयों में से एक है, और उनकी शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित और मार्गदर्शन करती रहती हैं। हिंदू धर्म को एकजुट करने और पुनर्जीवित करने के उनके प्रयासों का धर्म और समग्र रूप से भारतीय संस्कृति पर स्थायी प्रभाव पड़ा है।

ओ रे पिया – O Re Piya 

Hindi Lyrics

ओ रे पिया

उड़ने लगा क्यों मन बावला रे

आया कहाँ से ये हौसला रे

ओ रे पिया

तानाबाना, तानाबाना बुनती हवा

बूंदें भी तो आये नहीं बाज़ यहाँ

साज़िश में शामिल सारा जहां है

हर ज़र्रे-ज़र्रे की ये इल्तिज़ा है

ओ रे पिया…

नज़रें बोलें, दुनिया बोले, दिल की ज़बाँ

इश्क मांगे, इश्क चाहे, कोई तूफां

चलना आहिस्ते, इश्क नया है

पहला ये वादा हमने किया है

ओ रे पिया…

नंगे पैरों पे अंगारों, चलती रही

लगता है कि गैरों में मैं, पलती रही

ले चल वहाँ जो, मुल्क तेरा है

जाहिल ज़माना, दुश्मन मेरा है

ओ रे पिया…

o re piya lyrics IN HINDI

ओ रे पिया हाय ओ रे पिया

ओ रे पिया हाय ओ रे पिया

ओ रे पिया हाय ओ रे पिया

उड़ने लगा क्यों मन बावला रे

आया कहाँ से ये हौसला रे

ओ रे पिया ओ रे पिया हाय

तानाबाना तानाबाना बुनती हवा हाय बुनती हवा

बूंदें भी तो आये नहीं बाज़ यहाँ हाय साज़िश में शामिल सारा जहां है

हर ज़र्रे ज़र्रे की ये इल्तिज़ा है

ओ रे पिया

ओ रे पिया हाय ओ रे पिया हाय ओ रे पिया

नी रे रे रे ग ग ग म म म प प म ग रे सा सा रे रे सा ग ग रे म म ग प प म ध ध प नि नि सा सा प प सा म प ध नि सा नि रे नि सा सा सा

नज़रें बोलें दुनिया बोले दिल की ज़बाँ हाय दिल की ज़बाँ

इश्क मांगे इश्क चाहे कोई तूफां हाय

चलना आहिस्ते इश्क नया है पहला ये वादा हमने किया है

ओ रे पिया हाय ओ रे पिया हाय ओ रे पिया

पिया रे पिया

नंगे पैरों पे अंगारों चलती रही हाय चलती रही

लगता है कि गैरों में मैं पलती रही हाय

ले चल वहाँ जो मुल्क तेरा है जाहिल ज़माना दुश्मन मेरा है

ओ रे पिया हाय ओ रे पिया हाय ओ रे पिया हाय ओ रे पिया हाय ओ रे पिया हाय

ओ रे पिया ओ रे पिया

o re piya

o re piya lyrics in english

O re piya haye (x3)

Udne laga kyon man baawla re

Aaya kahan se yeh hosla re

O re piya haye (x2)

Tanabana tanabana bunti hawaa haaye bunti hawa

Boondein bhi to aaye nahi baaz yahan

Sagish mein shaamil sara jahan hai

Har zare zare ki yeh iltiza hai

O re Piya

O re Piya haye (x2)

O re Piya

ni re ,re re ga

ga ga ma

ma ma pa

pa ma ga re sa

sa re re sa

ga ga re

ma ma ga

pa pa ma

dha dha pa

ni ni sa sa pa

pa sa ma pa dha ni sa ni

re ni sa sa sa.. . . . ..

Nazrein bolen duniya bole

dil ki zaban haaye dil ki zubaan

Ishq maange ishq chahe koi toofan

Chalna aahiste ishq naya hai

Pehla yeh vada humne kiya hai

O re piya haaye (x2)

O re piya

Piyaaaaa….

yehhh piya

Nange pairo pe angaro

chalti rahi haaye chalti rahi

.l.y.r.i.c.s.m.a.s.t.i…c.o.m..

Lagta hai ke gairo mein

Palti rahi haaye

le chal wahan jo

Mulk tera hai

Jahil zamana

dushman mera hai

haaye

O re piya haye (x5)

About O Re Piya Song

आजा नचले एल्बम के ओ रे पिया गीत के बोल गाएं। आजा नचले एल्बम के ओ रे पिया गाने को मशहूर गायक राहत फतेह अली खान ने आवाज दी है। आजा नचले एल्बम के ओ रे पिया गाने के बोल जयदीप साहनी ने लिखे हैं।

Released onOct 18, 2007

Duration06:20

LanguageHindi

Movie/Album: आजा नचले (2007)

Music By: सलीम-सुलेमान

Lyrics By: जयदीप साहनी

Performed By: राहत फ़तेह अली खान

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