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मन मोटी अरु दूध रस, इनकी सहज सुभाय ।
फट जाये तो न मिले, कोटिन करो उपाय ।।
अर्थ : मन, मोती, फूल, दूध और रस जब तक चिकने और सामान्य रहते हैं तब तक तो अच्छे लगते हैं, लेकिन एक बार फूट जाने पर कितना भी उपाय करें, फिर भी चिकने और सामान्य रूप में नहीं आते।
mana moṭī aru dūdha rasa, inakī sahaja subhāya.
phaṭa jāye to na mile, koṭina karo upāya.
Meaning : Heart, pearl, flowers, milk and juice look good as long as they remain smooth and normal, but once they burst, no matter how many measures are taken, they still do not come back in smooth and normal form.
नवग्रह स्तोत्र (Navagraha Stotram) – अर्थ और लाभ नवग्रह स्तोत्र (Navagraha Stotram) – अर्थ, महत्त्व और संपूर्ण पाठ नवग्रह स्तोत्र (Navagraha Stotram) हिंदू धर्म का एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र स्तोत्र है। इसकी रचना महर्षि वेदव्यास ने नौ ग्रहों (नवग्रहों) को शांत करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए की थी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मनुष्य के जीवन… Read more: Navagraha Stotram (नवग्रह स्तोत्रम्)
शिव पंचाक्षर स्तोत्र – अर्थ और बोल | Shiv Panchakshar Stotra Lyrics & Meaning in Hindi शिव पंचाक्षर स्तोत्र (Shiv Panchakshar Stotra) रचयिता: आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) परिचय (About) शिव पंचाक्षर स्तोत्र भगवान शिव की उपासना में रचित सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली स्तोत्रों में से एक है। इसकी रचना आदि शंकराचार्य ने की थी। यह स्तोत्र भगवान शिव के… Read more: शिव पंचाक्षर स्तोत्र (Shiv Panchakshar Stotra)
सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम् (Siddha Kunjika Stotram) – अर्थ और महत्व सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम्: दुर्गा सप्तशती की गुप्त कुंजी कलाकार/स्रोत: परंपरागत (रुद्रयामल तन्त्र) परिचय (About) सिद्ध कुंजिका स्तोत्र (Siddha Kunjika Stotram) हिंदू धर्म में शाक्त परंपरा का एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र स्तोत्र है। रुद्रयामल तंत्र के अंतर्गत गौरी तंत्र में वर्णित यह स्तोत्र भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को… Read more: सिद्ध कुंजिका स्तोत्र (Siddha Kunjika Stotram)
श्रीरामरक्षास्तोत्रम् (Ram Raksha Stotra) – अर्थ और महात्म्य श्रीरामरक्षास्तोत्रम् (Ram Raksha Stotra): सुरक्षा और भक्ति का दिव्य कवच रचियता: बुधकौशिक ऋषि (Budha Kaushika Rishi) श्रीरामरक्षास्तोत्रम्, जिसे भगवान राम का ‘रक्षा कवच’ भी कहा जाता है, वैदिक परंपरा के सबसे शक्तिशाली और लोकप्रिय स्तोत्रों में से एक है। यह स्तोत्र न केवल मन को शांति देता है, बल्कि भक्त को… Read more: श्रीरामरक्षास्तोत्रम् (Ram Raksha Stotra)
By Anuradha Paudwal (अनुराधा पौडवाल) जय अम्बे गौरी आरती – अनुराधा पौडवाल | Jai Ambe Gauri Lyrics & Meaning जय अम्बे गौरी आरती: लिरिक्स और अर्थ कलाकार: अनुराधा पौडवाल (Anuradha Paudwal) | शैली: भक्ति संगीत यह पृष्ठ प्रसिद्ध दुर्गा आरती ‘जय अम्बे गौरी’ को समर्पित है। यहाँ आप इसके हिंदी लिरिक्स, रोमन लिप्यंतरण, और इसके गहरे अर्थ को पढ़ सकते… Read more: Jai Ambe Gauri (जय अम्बे गौरी)
सैयारा (Saiyaara) – 2025 Lyrics & Meaning सैयारा (Saiyaara) – 2025: गीत, अर्थ और विश्लेषण कलाकार: फहीम अब्दुल्ला, तनिष्क बागची, अर्सलान निज़ामी फिल्म: सैयारा (2025) गीतकार: इरशाद कामिल गाने के बोल (हिंदी में) तू पास है, मेरे पास है ऐसे मेरा कोई एहसास है जैसे तू पास है, मेरे पास है ऐसे मेरा कोई एहसास है जैसे हाय मैं… Read more: सैयारा (Saiyaara) – 2025
Ye Tune Kya Kiya Lyrics Ishq woh balaa haiIshq woh balaa haiJisko chhua jisne woh jalaa hai Dil se hota hai shuruDil se hota hai shuruPar kambakht sar pe chadha hai Kabhi khud se, kabhi khuda seKabhi zamaane se ladaa haiItna hua badnaam phir bhiHar zubaan pe adaa hai Ishq ki saazisheinIshq ki baaziyaanHaara main khel keDo dilon ka… Read more: Ye Tune Kya Kiya Lyrics
Song by Anuv Jain ‧ 2024 JO TUM MERE HO Lyrics हैरान हूँ कि कुछ भी न मांगूं कभी मैं जो तुम मेरे हो ऐसा हो क्यों? कि लगता है हासिल सभी है जो तुम मेरे हो जो तुम मेरे हो तो मैं कुछ नहीं मांगूं दुनिया से और तुम हो ही नहीं तो मैं जीना नहीं चाहूं दुनिया… Read more: Jo Tum Mere Ho
हिंदी दिवस पर कविता(hindi Diwas Par Kavita) 14 सितंबर को ‘हिन्दी दिवस’ मनाया जाता है। संवैधानिक रूप से हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है किंतु सरकारों ने उसे उसका प्रथम स्थान न देकर अन्यत्र धकेल दिया यह दुखदाई है। हिंदी को राजभाषा के रूप में देखना और हिंदी दिवस के रूप में उसका सम्मान करना भारत की सभी… Read more: हिंदी दिवस पर कविता(hindi Diwas Par Kavita)
पं.माखनलाल चतुर्वेदी कैदी और कोकिला 1क्या गाती हो?क्यों रह-रह जाती हो? कोकिल बोलो तो ! क्या लाती हो? सन्देशा किसका है? कोकिल बोलो तो ! 2ऊँची काली दीवारों के घेरे में, डाकू, चोरों, बटमारों के डेरे में, जीने को देते नहीं पेट भर खाना, मरने भी देते नहीं, तड़प रह जाना ! जीवन पर अब दिन-रात कड़ा पहरा है, शासन है, या तम का प्रभाव गहरा है? हिमकर निराश… Read more: कैदी और कोकिला/